प्रत्याशित मान और प्रायिकता बंटन
अगर आप कोई खेल बार-बार खेलें, तो औसतन कितना जीतने की उम्मीद करेंगे? अगर कोई प्रयोग बार-बार करें, तो औसत परिणाम कहाँ स्थिर होगा? इसका उत्तर है प्रत्याशित मान (expected value) — प्रायिकता से भारित दीर्घकालिक औसत।
भाग 1: प्रत्याशित मान क्या है?
किसी यादृच्छिक चर (random variable) का प्रत्याशित मान (EV) सभी संभावित परिणामों का भारित औसत (weighted average) है, जहाँ हर परिणाम को उसकी प्रायिकता से भार दिया जाता है:
सतत (continuous) बंटन के लिए, प्रत्याशित मान “द्रव्यमान केंद्र (center of mass)” है — वक्र का संतुलन बिंदु। इसे सामान्य बंटन (normal distribution) से देखते हैं:
लाल स्पाइक प्रत्याशित मान दिखाता है — बंटन का संतुलन बिंदु। ध्यान दें:
- mu हिलाने से संतुलन बिंदु (और पूरा वक्र) खिसकता है
- sigma बदलने से फैलाव बदलता है लेकिन संतुलन बिंदु वहीं रहता है
- सममित (symmetric) बंटन में EV हमेशा केंद्र पर होता है
भाग 2: भारित औसत को क्रिया में देखें
प्रत्याशित मान को भारित औसत की तरह सोचें। अधिक प्रायिकता वाले परिणाम औसत को अपनी ओर ज़्यादा खींचते हैं।
यहाँ दो शिखरों वाला एक बंटन है — मुख्य शिखर और एक गौण शिखर, जिनके “भार” बदले जा सकते हैं:
द्रव्यमान केंद्र का उदाहरण: कल्पना करें कि वक्र एक तार का टुकड़ा है। प्रत्याशित मान वह जगह है जहाँ आप उंगली रखकर इसे संतुलित कर सकते हैं। भारी शिखर संतुलन बिंदु को अपनी ओर खींचता है। जब w1 > w2, संतुलन बाईं ओर झुकता है। जब w1 = w2, यह बीच में होता है।
भाग 3: कई प्रयोगों के साथ EV
जितनी बार आप प्रयोग दोहराते हैं, औसत उतना ही प्रत्याशित मान के करीब पहुँचता है। यह बड़ी संख्याओं का नियम (Law of Large Numbers) है।
सोचिए एक भारित पासा फेंक रहे हैं। कम बार फेंकने पर औसत इधर-उधर भटकता है। ज़्यादा बार फेंकने पर यह स्थिर हो जाता है:
देखें प्रयोग बढ़ने पर क्या होता है:
- n = 1: चौड़ा फैलाव — एक ही परिणाम कहीं भी हो सकता है
- n = 10: औसत शायद EV से 0.5 के अंदर होगा
- n = 50: E(X) = 2 के आसपास बहुत केंद्रित
- n = 100: लगभग सटीक — औसत 2 के बहुत करीब है
इसीलिए कैसीनो लंबे समय में हमेशा जीतते हैं — वे लाखों “प्रयोग” खेलते हैं!
भाग 4: प्रसरण (Variance) और मानक विचलन (Standard Deviation)
प्रसरण (variance) मापता है कि बंटन प्रत्याशित मान से कितना फैला हुआ है:
मानक विचलन (standard deviation) प्रसरण का वर्गमूल है:
अधिक प्रसरण का मतलब है कि परिणाम कम अनुमानित हैं। कम प्रसरण का मतलब है कि वे प्रत्याशित मान के आसपास कसकर जमा हैं।
भाग 5: बंटनों की तुलना
दो खेलों का प्रत्याशित मान एक जैसा हो सकता है लेकिन जोखिम बहुत अलग। एक “सुरक्षित” दांव की तुलना “जोखिम भरे” दांव से करें:
गेम थ्योरी चुनौती: दो खेलों में खेलने की लागत $5 है।
- खेल A: 0.9 प्रायिकता से $6 जीतें, 0.1 प्रायिकता से $0 जीतें। E(X) = 5.40
- खेल B: 0.12 प्रायिकता से $50 जीतें, 0.88 प्रायिकता से $0 जीतें। E(X) = 6.00
खेल B का प्रत्याशित मान अधिक है, लेकिन खेल A बहुत अधिक सुसंगत है। अगर आपको 100 बार खेलना हो तो कौन सा चुनेंगे? प्रसरण पर विचार करें!
“सुरक्षित” और “जोखिम भरे” बंटनों को मॉडल करने के लिए स्लाइडर का उपयोग करें।
सारांश
| अवधारणा | इसका अर्थ |
|---|---|
| प्रत्याशित मान E(X) | प्रायिकता से भारित दीर्घकालिक औसत परिणाम |
| द्रव्यमान केंद्र | E(X) बंटन का संतुलन बिंदु है |
| बड़ी संख्याओं का नियम | अधिक प्रयोगों से औसत E(X) के करीब पहुँचता है |
| प्रसरण (Variance) | परिणाम E(X) से कितने दूर फैले हैं |
| मानक विचलन | प्रसरण का वर्गमूल — डेटा की इकाइयों में |
प्रत्याशित मान प्रायिकता में सबसे महत्वपूर्ण संख्या है। यह बताता है कि लंबे समय में क्या उम्मीद करें — चाहे आप कोई व्यावसायिक निर्णय, खेल की रणनीति, या वैज्ञानिक परिकल्पना का मूल्यांकन कर रहे हों।