सांख्यिकी

प्रायिकता के नियम: योग और गुणन (Addition & Multiplication Rules)

प्रायिकता (probability) के कुछ मूल नियम हैं जो आपको घटनाओं को जोड़ने देते हैं। A या B होने की संभावना जानना है? यह योग नियम (addition rule) है। A और B दोनों? यह गुणन नियम (multiplication rule) है। ये दो नियम सीख लें, तो लगभग कोई भी प्रायिकता का सवाल हल कर सकते हैं।


भाग 1: योग नियम (Addition Rule)

A या B (या दोनों) होने की प्रायिकता है:

P(AB)=P(A)+P(B)P(AB)P(A \cup B) = P(A) + P(B) - P(A \cap B)

P(A और B) क्यों घटाते हैं? क्योंकि जब हम P(A) और P(B) जोड़ते हैं, तो हम अतिव्यापन (overlap) को दो बार गिनते हैं — ऐसे परिणाम जहाँ दोनों होते हैं। इसे सही करने के लिए एक बार घटाना होता है।

A और B को दो अतिव्यापी वक्रों की तरह देखें। कुल “या” प्रायिकता दोनों वक्रों के नीचे सब कुछ है, लेकिन अतिव्यापन क्षेत्र को दो बार नहीं गिनना चाहिए:

P(A)0.4
0.10.7
P(B)0.5
0.10.7
P(A और B) — अतिव्यापन0.15
00.4
P(AB)=0.4+0.50.15P(A \cup B) = 0.4 + 0.5 - 0.15
-8-6-4-22468घटना Aघटना BA और B (अतिव्यापन)
यह आज़माएं

अतिव्यापन को 0 पर सेट करें। जब P(A और B) = 0, तो घटनाएँ परस्पर अपवर्जी (mutually exclusive) हैं — दोनों एक साथ नहीं हो सकतीं। सूत्र सरल हो जाता है: P(A या B) = P(A) + P(B)। देखें कैसे वक्र बिल्कुल अतिव्यापित नहीं होते!


भाग 2: परस्पर अपवर्जी घटनाएँ (Mutually Exclusive Events)

जब दो घटनाएँ एक साथ नहीं हो सकतीं (जैसे एक पासे पर 2 और 5 दोनों आना), तो वे परस्पर अपवर्जी हैं। उनका अतिव्यापन शून्य है:

Mutually exclusive: P(AB)=0\text{Mutually exclusive: } P(A \cap B) = 0
घटनाओं के बीच अंतर3
15
-10-8-6-4-2246810घटना Aघटना B

जैसे-जैसे अलगाव बढ़ता है, वक्र दूर होते हैं और अतिव्यापन गायब हो जाता है। पूरी तरह अलग = परस्पर अपवर्जी। इन घटनाओं के लिए सरल जोड़ काम करता है:

P(AB)=P(A)+P(B)=0.4+0.4=0.8P(A \cup B) = P(A) + P(B) = 0.4 + 0.4 = 0.8

भाग 3: गुणन नियम (Multiplication Rule)

स्वतंत्र (independent) घटनाओं के लिए, दोनों के होने की प्रायिकता है:

P(AB)=P(A)×P(B)P(A \cap B) = P(A) \times P(B)

वृक्ष आरेख (tree diagram) की तरह सोचें: पहले A होता है (या नहीं), फिर B होता है (या नहीं)। हर शाखा पथ के साथ प्रायिकताओं को गुणा करती है।

दो स्वतंत्र घटनाओं को समायोज्य प्रायिकताओं से मॉडल करें:

P(A)0.6
0.050.95
P(B)0.7
0.050.95
P(AB)=P(A)×P(B)=0.6×0.7P(A \cap B) = P(A) \times P(B) = 0.6 \times 0.7
-8-6-4-22468P(A)P(B)P(A और B)
जोड़

वृक्ष आरेख से सोचें: दो सिक्के उछालने की कल्पना करें।

  • P(पहले में चित) = 0.5
  • P(दूसरे में चित) = 0.5
  • P(दोनों चित) = 0.5 * 0.5 = 0.25

“वृक्ष” का हर पथ शाखा प्रायिकताओं को गुणा करता है। दोनों स्लाइडर 0.5 पर सेट करें और पुष्टि करें कि संयुक्त प्रायिकता 0.25 दिखती है!


भाग 4: आश्रित गुणन नियम (Dependent Multiplication Rule)

जब घटनाएँ स्वतंत्र नहीं हैं, तो गुणन नियम सशर्त प्रायिकता (conditional probability) का उपयोग करता है:

P(AB)=P(A)×P(BA)P(A \cap B) = P(A) \times P(B \mid A)

B की प्रायिकता इस पर निर्भर करती है कि A हुआ या नहीं:

P(A)0.5
0.10.9
P(B|A)0.8
0.10.9
P(AB)=0.5×0.8P(A \cap B) = 0.5 \times 0.8
-8-6-4-22468P(A)P(B|A)P(A और B)
यह आज़माएं

ताश का उदाहरण: बिना वापस रखे गड्डी से 2 पत्ते निकालें।

  • P(पहला इक्का) = 4/52
  • P(दूसरा इक्का | पहला इक्का था) = 3/51 (एक इक्का जा चुका है!)
  • P(दोनों इक्के) = (4/52) * (3/51) = 12/2652

ध्यान दें कि P(B|A), अकेले P(B) से कम है — पहले निकालने पर एक इक्का गड्डी से निकल गया। यही आश्रितता (dependence) है।


भाग 5: पूरक नियम (Complement Rule)

कभी-कभी जो आप नहीं चाहते उसकी गणना करके घटाना आसान होता है:

P(A)=1P(not A)P(A) = 1 - P(\text{not } A)
P(A)0.3
01
P(not A)=10.3P(\text{not } A) = 1 - 0.3
-8-6-4-22468P(A)P(not A)
चुनौती

चुनौती: आप 3 बार पासा फेंकते हैं। कम से कम एक 6 आने की प्रायिकता क्या है?

संकेत: P(एक भी 6 नहीं) निकालकर 1 से घटाना आसान है। P(एक बार में 6 नहीं) = 5/6। तीन स्वतंत्र बार के लिए: P(कोई 6 नहीं) = (5/6)^3। तो P(कम से कम एक 6) = 1 - (5/6)^3।

गणना करें, फिर सोचें: क्या यह आपके अनुमान से अधिक है या कम?


सारांश

नियमसूत्रकब इस्तेमाल करें
योगP(A या B) = P(A) + P(B) - P(A और B)कोई भी घटना होने पर
परस्पर अपवर्जीP(A या B) = P(A) + P(B)घटनाएँ साथ नहीं हो सकतीं
गुणन (स्वतंत्र)P(A और B) = P(A) * P(B)दोनों घटनाएँ, कोई प्रभाव नहीं
गुणन (आश्रित)P(A और B) = P(A) * P(B|A)दोनों घटनाएँ, प्रभाव के साथ
पूरकP(A) = 1 - P(A नहीं)“कम से कम एक” वाले प्रश्न

ये पाँच नियम आपकी पूरी टूलकिट हैं। इस पाठ्यक्रम में आने वाली हर प्रायिकता की समस्या इन नियमों के संयोजन में तोड़ी जा सकती है।

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