प्रायिकता के नियम: योग और गुणन (Addition & Multiplication Rules)
प्रायिकता (probability) के कुछ मूल नियम हैं जो आपको घटनाओं को जोड़ने देते हैं। A या B होने की संभावना जानना है? यह योग नियम (addition rule) है। A और B दोनों? यह गुणन नियम (multiplication rule) है। ये दो नियम सीख लें, तो लगभग कोई भी प्रायिकता का सवाल हल कर सकते हैं।
भाग 1: योग नियम (Addition Rule)
A या B (या दोनों) होने की प्रायिकता है:
P(A और B) क्यों घटाते हैं? क्योंकि जब हम P(A) और P(B) जोड़ते हैं, तो हम अतिव्यापन (overlap) को दो बार गिनते हैं — ऐसे परिणाम जहाँ दोनों होते हैं। इसे सही करने के लिए एक बार घटाना होता है।
A और B को दो अतिव्यापी वक्रों की तरह देखें। कुल “या” प्रायिकता दोनों वक्रों के नीचे सब कुछ है, लेकिन अतिव्यापन क्षेत्र को दो बार नहीं गिनना चाहिए:
अतिव्यापन को 0 पर सेट करें। जब P(A और B) = 0, तो घटनाएँ परस्पर अपवर्जी (mutually exclusive) हैं — दोनों एक साथ नहीं हो सकतीं। सूत्र सरल हो जाता है: P(A या B) = P(A) + P(B)। देखें कैसे वक्र बिल्कुल अतिव्यापित नहीं होते!
भाग 2: परस्पर अपवर्जी घटनाएँ (Mutually Exclusive Events)
जब दो घटनाएँ एक साथ नहीं हो सकतीं (जैसे एक पासे पर 2 और 5 दोनों आना), तो वे परस्पर अपवर्जी हैं। उनका अतिव्यापन शून्य है:
जैसे-जैसे अलगाव बढ़ता है, वक्र दूर होते हैं और अतिव्यापन गायब हो जाता है। पूरी तरह अलग = परस्पर अपवर्जी। इन घटनाओं के लिए सरल जोड़ काम करता है:
भाग 3: गुणन नियम (Multiplication Rule)
स्वतंत्र (independent) घटनाओं के लिए, दोनों के होने की प्रायिकता है:
वृक्ष आरेख (tree diagram) की तरह सोचें: पहले A होता है (या नहीं), फिर B होता है (या नहीं)। हर शाखा पथ के साथ प्रायिकताओं को गुणा करती है।
दो स्वतंत्र घटनाओं को समायोज्य प्रायिकताओं से मॉडल करें:
वृक्ष आरेख से सोचें: दो सिक्के उछालने की कल्पना करें।
- P(पहले में चित) = 0.5
- P(दूसरे में चित) = 0.5
- P(दोनों चित) = 0.5 * 0.5 = 0.25
“वृक्ष” का हर पथ शाखा प्रायिकताओं को गुणा करता है। दोनों स्लाइडर 0.5 पर सेट करें और पुष्टि करें कि संयुक्त प्रायिकता 0.25 दिखती है!
भाग 4: आश्रित गुणन नियम (Dependent Multiplication Rule)
जब घटनाएँ स्वतंत्र नहीं हैं, तो गुणन नियम सशर्त प्रायिकता (conditional probability) का उपयोग करता है:
B की प्रायिकता इस पर निर्भर करती है कि A हुआ या नहीं:
ताश का उदाहरण: बिना वापस रखे गड्डी से 2 पत्ते निकालें।
- P(पहला इक्का) = 4/52
- P(दूसरा इक्का | पहला इक्का था) = 3/51 (एक इक्का जा चुका है!)
- P(दोनों इक्के) = (4/52) * (3/51) = 12/2652
ध्यान दें कि P(B|A), अकेले P(B) से कम है — पहले निकालने पर एक इक्का गड्डी से निकल गया। यही आश्रितता (dependence) है।
भाग 5: पूरक नियम (Complement Rule)
कभी-कभी जो आप नहीं चाहते उसकी गणना करके घटाना आसान होता है:
चुनौती: आप 3 बार पासा फेंकते हैं। कम से कम एक 6 आने की प्रायिकता क्या है?
संकेत: P(एक भी 6 नहीं) निकालकर 1 से घटाना आसान है। P(एक बार में 6 नहीं) = 5/6। तीन स्वतंत्र बार के लिए: P(कोई 6 नहीं) = (5/6)^3। तो P(कम से कम एक 6) = 1 - (5/6)^3।
गणना करें, फिर सोचें: क्या यह आपके अनुमान से अधिक है या कम?
सारांश
| नियम | सूत्र | कब इस्तेमाल करें |
|---|---|---|
| योग | P(A या B) = P(A) + P(B) - P(A और B) | कोई भी घटना होने पर |
| परस्पर अपवर्जी | P(A या B) = P(A) + P(B) | घटनाएँ साथ नहीं हो सकतीं |
| गुणन (स्वतंत्र) | P(A और B) = P(A) * P(B) | दोनों घटनाएँ, कोई प्रभाव नहीं |
| गुणन (आश्रित) | P(A और B) = P(A) * P(B|A) | दोनों घटनाएँ, प्रभाव के साथ |
| पूरक | P(A) = 1 - P(A नहीं) | “कम से कम एक” वाले प्रश्न |
ये पाँच नियम आपकी पूरी टूलकिट हैं। इस पाठ्यक्रम में आने वाली हर प्रायिकता की समस्या इन नियमों के संयोजन में तोड़ी जा सकती है।